कैदी हो गए हैं हम,
और बिना लड़े अब हारने लगे हैं
मानवता की गरिमा अब धूमिल पड़ने लगी है
दुर्गों पे अन्धकार का परचम लहराने लगा है
व्योम का अन्धकार बढ़ने लगा है
मगर मत भूलो
तारों की टीम-टिमाहट अभी कम नही हुई है
सूरज और चाँद की आभा अभी नम नहीं हुई है
तमस अभी साकार नहीं हुआ है
और कुछ माशलें अभी जिन्दा हैं
हाँ पायी है .
कुछ पराजय हमने,
जज्ब किये हैं कुछ आंसू हमने
खोये हैं कुछ सपने
और खोया है बहुत कुछ
मगर समर अभी बाकी है
अभी बाकी है हममें
लड़ने का जज्बा ,
सपनों को देखने की आदत
जीतने का साहस
मानवता को जिन्दा रखने का संकल्प
और
अभी बाकी है बहुत कुछ हममें
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